संपादकीय: धार्मिक आस्था या जान का खतरा, हादसों से सबक क्यों नहीं लेता समाज?

धार्मिक स्थलों, आयोजनों, उत्सवों में भीड़ को नियंत्रित न कर पाने, आवागमन का समुचित प्रबंध न होने से अक्सर भगदड़ मचने, दम घुटने आदि से…