मुकेश भारद्वाज का कॉलम बेबाक बोल: प्र-बकता
जुबां से निकालेंगे गंद इतना कि हर गाली के बाद आलाकमान पूछे, बता क्या बना दूं तुझे? मकबूल शायर के शब्दों को इतना विद्रूप कर…
जुबां से निकालेंगे गंद इतना कि हर गाली के बाद आलाकमान पूछे, बता क्या बना दूं तुझे? मकबूल शायर के शब्दों को इतना विद्रूप कर…