Eknath Shinde Maharashtra: बीजेपी की अगुवाई वाले महायुति गठबंधन को जब बीते साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिली थी तो बहुत हद तक इसका क्रेडिट लाडकी बहिन योजना को दिया गया था। विधानसभा चुनाव के दौरान महायुति की ओर से घोषणा की गई थी कि सरकार बनने पर इस योजना के तहत महिलाओं को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। लेकिन सरकार बनने के चार महीने बाद भी अब तक राज्य की महिलाओं को 2,100 रुपये की एक भी किश्त नहीं मिल सकी है।

मौजूदा वक्त में महायुति सरकार उन महिलाओं को 1,500 रुपये हर महीने दे रही है, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसे लेकर विपक्ष द्वारा सरकार की लगातार आलोचना की जा रही है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को लाडकी बहिन योजना की 2,100 रुपये की किस्त को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महायुति की सरकार चुनाव घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करेगी।

 ‘चुनाव के दौरान किए गए वादे हमेशा पूरे नहीं होते…’

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होने के बाद इस योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर दिया जाएगा।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि हम घोषणापत्र में किए गए सभी वादे पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति के लिए किसानों को 1,600 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

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पवार के बयान पर फडणवीस ने दी सफाई

इससे पहले जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक बयान को लेकर शोर-शराबा हुआ तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका बचाव किया। पवार ने शुक्रवार को बारामती में एक कार्यक्रम में कहा था कि राज्य की मौजूदा वित्तीय हालत में फसल ऋण माफी नहीं की जा सकती। राज्य सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रहे पवार ने कहा था, “चुनाव घोषणापत्र में फसल ऋण माफी का वादा किया गया था लेकिन आज मैं किसानों से कहना चाहता हूं कि वे 31 मार्च से पहले अपने फसल ऋण की किस्त का भुगतान करें। कुछ किसान यह मानकर अपने ऋण की किस्त का भुगतान नहीं कर रहे हैं कि सरकार ऋण माफी की घोषणा करेगी।”

पवार ने कहा था कि राज्य सरकार सही समय पर इस संबंध में फैसला लेगी। उन्होंने दोहराया था कि मौजूदा वित्तीय हालत फसल ऋण माफी की अनुमति नहीं देती है लेकिन उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अजित पवार ने राज्य सरकार की स्थिति के बारे में बताया है। फडणवीस ने शनिवार को कहा कि पवार ने नहीं कहा कि यह (फसल ऋण माफी) कभी नहीं होगी।

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