राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) अपनी किताबों को मजेदार और जीवंत बना रहा है। इसके लिए परिषद ने वीडियो गेम की तर्ज पर ई-पाठशाला ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस ऐप के जरिए विद्यार्थी किताबों में मौजूद चित्रों, आरेखों (डायग्राम) और मानचित्रों को न सिर्फ त्रिआयामी में देख सकेंगे बल्कि इनमें से कुछ को संचालित होते हुए भी देखा जा सकेगा। इससे उन्हें पाठ को बेहतर तरीके से समझने में आसानी होगी। फिलहाल कक्षा 9 और 10 की किताबों के चित्रों को जीवंत बनाने का कार्य किया जा रहा है।

केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआइईटी) के संयुक्त निदेशक डॉक्टर अमरेंद्र बेहेरा के मुताबिक विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों और कक्षाओं की चार दीवार से आगे जानने में सक्षम बनाने के लिए, डिजिटल संसाधनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। यह उन्हें अनुभव से सीखने और समस्या के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। किताबों में जो भी चित्र या आरेख होते हैं, वे सभी द्विआयामी होते हैं। बच्चों को इन्हें समझने में बहुत परेशानी होती है।

शिक्षक भी इन चित्रों समझाने में नाकाम रहते हैं क्योंकि इन्हें बेहतर ढंग से समझने के लिए त्रिआयामी छवि की आवश्यकता होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सीआइईटी के एआर मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस ऐप के माध्यम से किताबों में मौजूद चित्रों की त्रिआयामी छवि देख सकते हैं। इतना ही नहीं, विद्यार्थी इन्हें संचालित होते हुए भी देख सकते हैं और इसके साथ प्रयोग भी कर सकते हैं।

डॉक्टर बेहेरा के मुताबिक इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को अवधारणा को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्हें इंटरेक्टिव त्रिआयामी सिमुलेशन का भी अनुभव मिलेगा। इससे शिक्षकों को अपने पाठ को मजेदार और इटरेक्टिव बनाने में सहायता मिलेगी। यह ऐप पढ़ने-पढ़ाने के तरीकों को नए आयाम पर ले जाएगा और वास्तविक व वर्चुल दुनिया की दूरी को कम करने में सहायता करेगा।

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